Health Se Related Jankari

Monday, 27 August 2018

Kya apko acidity ki problem hai ?

Kya apko acidity ki problem hai ?
हेलो दोस्तो क्या आपको एसिडिटी होती है ? अगर आपका जवाव हां है तो कारण जानिए  
 खान-पान और भाग-दौड़ भरी जिंदगी के कारण ज्यादातर लोगों को एसिडिटी की समस्या का सामना करना पड़ता है। एसिडिटी होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे समय पर खाना न खाना, देर रात तक जागना, मसालेदार खाने का सेवन करना आदि। इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग कई दवाइयों का सहारा लेते हैं।। मगर इनका ज्यादा फायदा नहीं मिलता। कुछ घरेलू नुस्खे अपनाकर भी एसिडिटी को दूर किया जा सकता है। आज हम आपको एसिडिटी को दूर करने के लिए असरदार घेरलू नुस्खे बताएंगे। 

  • कच्चा दूध
जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है उनको रोजाना कच्चे दूध का सेवन करना चाहिए। दूध में बड़ी मात्रा में कैल्शियम होता है जो एसिडिटी की समस्या को खत्म करता है। 

  • सौंफ
सौंफ में एेंटी-अल्सर गुण होते हैं जो कब्ज और एसिडिटी की समस्या से राहत दिलाते हैं। जब भी आपको एसिडिटी महसूस हो सौंफ खा लें। अगर आप चाहे तो सौंफ वाला पानी भी पी सकते हैं। 


  • मेथी दाने
एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए मेथी के दानो का इस्तेमाल करें। 1 चम्मच मेथी के दाने को रात भर 1 गिलास पानी में भिगोने के लिए रख दें। सुबह उठकर इसे छानकर पीएं।



  • इलायची
इलायची खाने से एसिडिटी और कब्ज की समस्या दूर होती है। 2 इलायची लें इसको 1 गिलास पाने में डालकर उबाल लें। जब पानी ठंडा हो जाए तो इससे पी लें। इसको पीने से तुंरत एसिडिटी से राहत मिलेगी।


  • तुलसी
सुबह -सुबह खाली पेट तुलसी की पत्तियां चबाने से एसिडिटी कण्ट्रोल रहती है। तुलसी में एसिडिटी को खत्म करने के वाले गुण पाए जाते हैं। रोजाना इसका सेवन करने से कुछ ही दिनों में एसिडिटी की समस्या दूर होती है।


  • केला
केले में पोटैशियम और फाइबर पाया जाता है। जो पेट में एसिड नहीं बनने देता। अगर आपको भी एसिडिटी की समस्या रहती है तो रोज सुबह केले खाएं।

  • सेब का सिरका
2 बड़े चम्मच सेब के सिरके को ठंडे पानी में मिलाकर पीएं। इससे पाचन क्रिया दुरस्त होती है और एसिडिटी नहीं होती।

  • पुदीने की चाय
पुदीना एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए कारगर है। एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए खाना खाने के बाद एक कप पुदीने की चाय पीएं।

दोस्तों ये नुस्खे ट्राई जरूर कीजिये और हमे कमेंट करके बताये की ये नुस्खे आपको कैसे लगे l

Friday, 4 May 2018

mung dal or soyabean ka protien powder

mung dal or soyabean ka protien powder 
हेल्लो फ्रेंड आजकल हर युबा बॉडी बनाना चाहता है और  हर युबा फिल्मी एक्टर्स की तरह दिखना चाहता है जिसके लिए उसे प्रोटीन की जरूरत पड़ती है  इसलिए हम इस पोस्ट मे आपको मुंग दाल और सोयाबीन का प्रोटीन पाउडर बनाने के बारे मे बतायगे जो आपकी प्रोटीन की कमी को पूरा कर देगा

how to weight gain fast diet chart in hindi


प्रोटीन पाउडर कैसे बनाये - 
  • सबसे पहेले 2 किलो मुंग दाल ले और इसको अछी तरह पीस ले
    मुंग दाल
  • अब 1 किलो सोयाबीन की दाल ले और इसको अछी तरह पीस ले
    सोयाबीन
  • अब दोनों दालो के पाउडर को अछी तरह मिला ले और इसको हल्की आच पर भुन ले 
  • अब अपने स्वाद के अनुसार इसमें देसी खंड मिला ले 
अब आपका प्रोटीन पाउडर तयार है 

100 ग्राम पाउडर मे आपको  28 ग्राम प्रोटीन मिल जायगा और आप इसको 250 ग्राम तक एक दिन मे खा सकते है इसका कोई नुकसान नहीं है
Soybean ki panjeeri kaise banaye body banane ke liye

अगर आपका कोई सवाल है तो हमे कमेंट जरुर करे 


vitamin ki kami se hone wale rog or unka ilaj

फ्रेंड आज हम बात करेगे विटामिन की कमी से होने से कोन- कोन से रोग होते है और उन रोगों का ईलाज कैसे करे डॉक्टरों के मुताबिक कई बीमारियों की वजह विटामिनों की कमी ही होती है, ये हर वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है, जानिए कौन सी विटामिन की कमी से कौन सा रोग होता है और कैसे उसे दूर भगाया जा सकता है।

विटामिन- A के वारे मे -

विटामिन ए दो फार्म में पाए जाते हैं, रेटिनॉल और कैरोटीन। विटामिन ए आंखों के लिए बहुत जरूरी होता है। यह विटामिन शरीर में अनेक अंगों जैसे त्वचा,बाल, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूड़ा और हड्डी को सामान्य रूप में बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन ए की कमी से ज्यादातर आंखों की बीमारियां होती हैं, जैसे रतौंधी, आंख के सफेद हिस्से में धब्बे। यह रक्त में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने में भी मदद करती है और हड्डियों को मजबूत करती है।

विटामिन - A किस मे होता है -

शरीर में विटामिन ए की कमी न होने के लिए चुकंदर, गाजर, पनीर, दूध, टमाटर, हरी सब्जियां, पीले रंग के फल खाने चाहिए। इसमें विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में इसकी पूर्ति करता है।

विटामिन- B के वारे मे -

विटमिन बी हमारी कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन, डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत में सहायता करता है। इसके कई काम्पलेक्स होते हैं, बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी7 और बी12। यह बुद्धि, रीढ़ की हड्डी और नसों के कुछ तत्वों को बनाने में मदद करता है। लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण भी इसी से होता है। इसकी कमी से बेरी बेरी, त्वचा की बीमारियां, एनीमिया, मंदबुद्धि जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। इसका आनुवंशिक कारण भी हो सकता है। आंतों एवं वजन घटाने की सर्जरी कराना भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। शाकाहारी लोगों में इसकी कमी आम बात हो जाती है क्योंकि यह विटामिन ज्यादातर जानवरों में पाया जाता है।
विटामिन - B किस मे होता है -
विटामिन बी ज्यादातर मांसाहारी पदार्थों जैसे मछली, मीट, अंडा आदि में पाया जाता है। शाकाहारी लोग इसकी आपूर्ति दूध और इससे बनने वाले उत्पादों, जमीन के अंदर उगने वाली सब्जियों आलू, गाजर, मूली में आंशिक रूप से पाया जाता है।

विटामिन- C के वारे मे -

विटामिन सी शरीर की मूलभूत रासायनिक क्रियाओं में यौगिकों का निर्माण और उन्हें सहयोग करता है। तंत्रिकाओं तक संदेश पहुंचाना या कोशिकाओं तक ऊर्जा प्रवाहित करना आदि। विटामिन सी मानव शरीर के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक है। यह एस्कॉर्बिक अम्ल होता है जो कि हर तरह के सिट्रस फल में जैसे, नींबू, संतरा, अमरूद, मौसमी आदि में पाया जाता है। विटामिन सी की कमी से स्कर्वी नामक रोग हो सकता है, जिसमें शरीर में थकान, मासंपेशियों की कमजोरी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मसूढ़ों से खून आना और टांगों में चकत्ते पड़ने जैसी दिक्कतें हो जाती हैं। विटामिन सी की कमी से शरीर छोटी छोटी बीमारियों से लड़ने की ताकत भी खो देता है, जिसका नतीजा बीमारियों के रूप में सामने आता है।
विटामिन - C किस मे होता है -
विटामिन सी खट्टे रसदार फल जैसे आंवला, नारंगी, नींबू, संतरा, बेर, कटहल, पुदीना, अंगूर, टमाटर, अमरूद, सेब, दूध, चुकंदर, चौलाई और पालक विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा दालों में भी विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन के वसा में घुलनशील है, इसकी कमी से रक्त का थक्का जमना बंद हो जाता है। इसके स्त्रोत हरी सब्जियां, अंकुरित चने और फल हैं।

विटामिन- D के वारे मे -

विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत सूर्य की किरणें हैं। जब हमारे शरीर की खुली त्वचा सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आती है तो ये किरणें त्वचा में अवशोषित होकर विटामिन डी का निर्माण करती हैं। अगर सप्ताह में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक शरीर की खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें पड़ती हैं तो शरीर की विटामिन डी की पूर्ति हो जाती है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, हाथ और पैर की हड्डियां टेढ़ी भी हो जाती हैं। मोटापा बढ़ने के साथ ही शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होता जाता है, जो लोग मोटापे जैसी बीमारी से ग्रस्त है उन्हें विटामिन डी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ मोटापे को भी कम करना चाहिए।
विटामिन - D किस मे होता है -
सूर्य विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसके अलावा दूध, अंडे, चिकन, सोयाबीन और मछलियों में भी विटामिन डी पाया जाता है।

विटामिन E के वारे मे -

विटामिन ई शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने, शरीर को एलर्जी से बचाए रखने की, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। विटामिन ई वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। इसके आठ रूप होते हैं। इसकी कमी से जनन शक्ति में कमी आ जाती है।
विटामिन - E किस मे होता है -
विटामिन ई अंडे, सूखे, मेवे, बादाम और अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों में पासा जाता है। इसके अलावा विटामिन ई वनस्पति तेल, गेंहू, हरे साग, चना, जौ, खजूर, चावल के मांड़ में पाया जाता है।

multivitamin ke capsules kyo nahi khane chahiye

multivitamin ke capsules kyo nahi khane chahiye
हेल्लो फ्रेंड आज हम इस टॉपिक पर बात करेगे की मल्टीविटामिन कैप्सूलस क्यों नहीं खाने चाहिए। आजकल लोग सोचते है कि मल्टीविटामिन कैप्सूल्स खाना सेहत के लिए बहुत है इसलिए लोग बिना कुछ सोचे समजे ये कैप्सूल्स खाय जा रहे है इन लोगों मे अकसर gym मे जाने वाले युवा सामिल है   बहुत से युवा आजकल मल्टीविटामिन एडिक्ट होने लगे हैं। अपने आप को चुस्त-दुरूस्त, ऊर्जा से भरपूर और खूबसूरत दिखने के लिए युवा मल्टीविटामिन पर भरोसा करने लगे हैं। इन दवाइयों का शरीर पर क्या असर होगा, इस बात की किसी को चिंता नहीं है।




 डॉक्टरों की राय मानें, तो मल्टीविटामिन की गोलियां शरीर को फायदा कम और नुकसान अधिक पहुंचाती हैं। युवा अक्सर ये गोलियां अपनी मानसिक संतुष्टि के लिए खाते हैं। उन्हें लगता है कि ये गोलियां उनके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हैं। मगर डॉक्टरों का कहना है कि विटामिन की गोलियां किसी भी व्यक्ति को तब दी जाती हैं, जब वह बीमारी की हालत में हो और जरूरी पोषक तत्व शरीर में कम जा रहे हों और रोगी कमजोर महसूस कर रहा हो।




मानसिक संतुष्टि के लिए अगर युवाओं को शुगर कोटेड गोली को भी विटामिन की गोली बता दी जाए, तो वे संतुष्ट हो जाते हैं और अच्छा महसूस करते हैं। उन्हें सिर्फ मल्टी-विटामिन गोली से मतलब होता है। जिसे खाकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है। युवा अपनी लुक को लेकर काफी दबाव में रहते है। सुंदर और फिट दिखना युवाओं की पहली चाहत होती है। इसके लिए वे आंखें बंद कर मल्टीविटामिन की गोलियों पर भरोसा करते हैं। युवतियां भी अपने आप को सुंदर दिखाने के लिए मल्टीविटामिन को ही शर्ट-कट तरीका मानती हैं। मगर अंत में इन गोलियों के बुरे नतीजे भी उन्हें ही भुगतने पड़ते हैं।




हर दिन लिया जाने वाला संतुलित डायट आपके शरीर को सभी पोषक तत्व देता है। किसी भी व्यक्ति को मल्टीविटामिन की गोलियां किसी खास अवस्था में ही डॉक्टर लेने के लिए कहते हैं। बिना डॉक्टरों की राय के किसी भी तरह की मल्टीविटामिन गोली लेना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। कई विटामिन गोलियां ऐसी होती हैं, जो शरीर के लिए काफी हानिकारक होती हैं।


 अगर आप दूसरी दवाइयां ले रहे हैं, तो विटामिन 'डी', 'ई', 'ए' और 'के' शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है। ये शरीर में जाकर जमा हो जाते हैं। विटामिन 'ए' की अधिकता लीवर को नुकसान पहुंचाती है जबकि विटामिन 'डी' की अधिकता से हार्मोनल गड़बड़ी हो जाती है।





विटामिन e ज्यादा खाने से नुकसानविटामिन 'ई' को अक्सर त्वचा की खूबसूरती के लिए खाया जाता है। मगर शरीर में इसकी जरूरत से ज्यादा अधिकता आंतरिक ब्लीडिंग का कारण बनती है। बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन 'के' का सेवन त्वचा को फायदा की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसा भी हो सकता हैं कि त्वचा जवां दिखने की बजाय झुर्रियां दिखने लगे। इसलिए मल्टीविटामिन की गोलियां तभी तक लें, जब तक डॉक्टर कहें। और फिर उन्हीं की सलाह से फौरन बंद भी कर दें।


फ्रेंड अगर आपका कोई सवाल है तो हमे कमेंट जरुर करे । 








HOMEMADE MULTIVITAMIN AND MINERAL IN HINDI

HOMEMADE MULTIVITAMIN AND MINERAL IN HINDI

हेल्लो फ्रेंड कया आप यह सर्च कर रहे है की घर पर मल्टीविटामिन एंड मिनरल्स कैसे बनाए तो आप सही जगय पर आ चुके है
। आज मै आप को बताउगा की आप घर पर multivitamin और mineral कैसे बनाये। फ्रेंड हम जानते है बाजार मे मिलने वाले मल्टीविटामिन कैप्सूल या टेबलेटस का हमारे सरीर पर कोई असर नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है कुछ मल्टीविटामिन कैप्सूल्स और टेबलेट्स  बनाने वाली कंपनीज फेक होती है उनका मकसद सिर्फ पैसे कमाना होता है। इसलिए हमे जो चीज घर पर बन सकती है उसे बाजार से नहीं खरीदना चाहिए।

mung dal or soyabean ka protien powder

मल्टीविटामिन और मिनरल्स बनाने के लिए हमे कया -कया चाहिए -
  1. दही     ( 200 ग्राम )
  2. पालक  (100 ग्राम )
  3. अलसी ( 10 ग्राम )
  4. बदाम   (7 दाने )
  5. निम्बू  ( 1 )
  6. काली मिर्च (स्वाद अनुसार )
  7. नमक ( स्वाद अनुसार )
  8. जीरा (स्वाद अनुसार ) 
दही मे कया - कया होता है  -
विटामिन-B12, B2, B7
कैल्सियम
फास्फोरस
पालक मे कया -कया होता है -
विटामिन-B2, B6, A, E, K
मग्निसियम
आयरन 
अलसी मे कया-कया होता है -
विटामिन- B1
कॉपर
मग्निसियम
मगनिस
फास्फोरस
ओमेगा 3
बदाम मे कया होता है -
विटामिन - B7, E,
कॉपर
मग्निसियम

निम्बू मे कया होता है -
विटामिन - C

इसे बनाने की विधि -
  • बदाम और अलसी लेकर बारीक पीस लो
  • अब दही और हरा पालक लेकर मिक्सर मे मिक्स कर लो
  • अब सब कुछ मिक्सर मे डाल कर मिक्स कर लो 
अब यह रायता सा बन जायगा यह रायता ही आपको दिन मे एक वार पीना है 


इसे इसे लेने का कया है फायदा- 
रोजाना मल्टीविटामिन लेने से याददाश्त को बढ़ाने के साथ ही मानसिक विकारों को कम किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि मल्टीविटामिन लेने से याददाश्त पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि इससे मस्तिष्क कोशिकाओं की क्षमता बढ़ती है।
शरीर के समुचित विकास के लिए 13 विटामिन की जरूरत होती है। इनमें विटामिन ए, सी, डी, ई और के का शरीर के विकास में अहम योगदान होता है।


अगर आपका कोई सवाल है तो हमे कमेंट जरुर करे


Friday, 13 April 2018

weight loss drink at home in hindi

weight loss drink at home in hindi

कया आप बी मोटापे से परेशान है तो यह पोस्ट  आपके लिए बहुत उपयोगी है। पहेले मै आप को थोडा निम्बू
के बारे मे बतादू  निम्बू बहुत अच्छा है बजन गटाने के लिए  नींबू पानी पीने से वजन नियंत्रित रहता है। नींबू में मौजूद औषधीय गुणों आपके बढ़ते वजन को रोकते हैं जिससे आप रहते हैं स्लिम ट्रिम। नींबू पानी (बिना शक्कर) का पूरी तरह से कैलोरी फ्री होता है। कम मात्रा में पानी पीने से शरीर में वसा ऊर्जा के रूप में जलने के बजाय एकत्रित होनी शुरू हो जाती है। इसका कारण है शरीर में मौजूद वसा का ऊर्जा में परिवर्तन आपके शरीर में मौजूद पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। जितना अधिक पानी आप पीएंगे,  उतनी ही अधिक वसा आप खर्च कर पाएंगे, और नींबू पानीतो सोने पर सुहागा वाली बात है। सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर पीया जाए तो यह वजन घटाने में मददगार साबित होता है।


ड्रिंक  बनाने की विदि -
एक निम्बू का रस निकाल के गिलास मे डाले 

लगभग 50 ग्राम हरा द्दनिया ले और उसका रस निकाल के निम्बू के रस मे 
मिला  ले
ड्रिंक बनाने की विधि

अब इसमें काली मिर्च का पाउडर मिला ले

अब हल्का गरम पानी इसमें डाल ले

सब चीजे अच्छी तरह से मिक्स कर ले अब आपका ड्रिंक तयार है
 आप इस ड्रिंक को हर रोज पिए  ताकि जल्दी से जल्दी वेट लोस हो सके।

अगर आपका कोई सबाल है तो हमे कमेंट जरुर करे । 


Saturday, 31 March 2018

Soybean ki panjeeri kaise banaye body banane ke liye

Soybean ki panjeeri kaise banaye body banane ke liye.
सोयाबीन मे एमिनो  एसिड और प्रोटीन होता  है जो हमारे सरीर को मजबूत बनाता है 100 ग्राम सोयाबीन मे 38 ग्राम प्रोटीन होता है किसी ओर फ़ूड मे इससे ज्यादा प्रोटीन नहीं होता।सोयाबीन सरीर के मसल बनाने मे हेल्प करता है। अगर आप सरीर का बजन बडाना चाहते है तो आप सोयाबीन की पजीरी जरुर खाये

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